• सभी एकादशियों में क्यों है निर्जला एकादशी सर्वश्रेष्ठ ?

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    साल में 24 एकादशी होती हैं, जिसका काफी महत्व है। एकादशी को भगवान विष्‍णु की पूजा होती है। अगर आप साल की इन चौबीस एकादशी को नहीं कर पाते है तो निर्जला एकादशी का एक व्रत करके ही आपको उन चौबीस एकादशी का पुण्य कमा सकते हैं। निर्जला एकादशी ज्‍येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ती है।

    निर्जला एकादशी गंगा दशहरा के एक दिन बाद आती हैं, लेकिन कभी-कभी गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी दोनों एक साथ पड़ती हैं। इस निर्जला एकादशी को पांडव एकादशी या भीमसेन एकादशी के नाम से जाना जाता हैं

    हम सभी वर्षों से यह सुनते आ रहे है की निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में श्रेष्ठ है और हमारे जीवन में इसका बहुत महत्व है तो आइये आज निर्जला एकादशी के शुभ दिन पर जानते हैं इसके बारे में 

    1. सुखों की प्राप्ति तथा दुखो की निवृति के लिए व्रत का पालन किया जाता है। 
    2. हमारे ग्रंथों में भी व्रत करने के लाभ तथा नियम के बारे में बताया गया है। 
    3. सभी व्रतों में भगवान विष्णु को प्रिय 'एकादशी व्रत' की महिमा अपार है। 
    4. वर्ष में 24 एकादशियाँ आती हैं जिसमें निर्जला एकादशी को सबसे महत्वपूर्ण मन जाता है। 
    5. निर्जला एकादशी के दिन व्यक्ति जल का परित्याग कर कठोर व्रत का पालन करता है। 
    6. कुंती पुत्र भीमसेन केवल निर्जला एकादशी का व्रत पालन किया करते थे। 
    7. निर्जला एकादशी व्रत करने से आपको सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। 
    8. भगवान विष्णु की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए निर्जला एकादशी व्रत पालन करें। 
    9. निर्जला एकादशी के दिन व्रत, जप, तप व दान कर जीवन को सफल बनाएं। 
    10. चैनल दिव्य की और से आपको निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं।