• शिर्डी साईं बाबा कष्ट निवारण मंत्र

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    श्री साईं बाबा के नाम से कोई विरला व्यक्ति ही होगा जो उनसे परिचित न हो| वे कलयुग के महान अवतार थे| उन्होंने किस देश, जाति, धार्मिक परिवार व कुल में जन्म लिया, यह कोई नहीं जानता| उनके पूर्वज कौन थे, उनके पिता व माता कौन थी, यह कोई नहीं जानता| 

    सदगुरू साईं नाथ महाराज की जय

    कष्टों की काली छाया दुखदायी है, जीवन में घोर उदासी लायी है l

    संकट को तालो साईं दुहाई है, तेरे सिवा न कोई सहाई है l

    मेरे मन तेरी मूरत समाई है, हर पल हर शन महिमा गायी है l

    घर मेरे कष्टों की आंधी आई है,आपने क्यूँ मेरी सुध भुलाई है l

    तुम भोले नाथ हो दया निधान हो,तुम हनुमान हो तुम बलवान हो l

    तुम्ही राम और श्याम हो,सारे जगत में तुम सबसे महान हो l

    तुम्ही महाकाली तुम्ही माँ शारदे,करता हूँ प्रार्थना भव से तार दे l

    तुम्ही मोहमद हो गरीब नवाज़ हो,नानक की बानी में ईसा के साथ हो l

    तुम्ही दिगम्बर तुम्ही कबीर हो,हो बुध तुम्ही और महावीर हो l

    सारे जगत का तुम्ही आधार हो,निराकार भी और साकार हो l

    करता हूँ वंदना प्रेम विशवास से,सुनो साईं अल्लाह के वास्ते l

    अधरों पे मेरे नहीं मुस्कान है,घर मेरा बनने लगा शमशान है l

    रहम नज़र करो उज्ढ़े वीरान पे,जिंदगी संवरेगी एक वरदान से l

    पापों की धुप से तन लगा हारने,आपका यह दास लगा पुकारने l

    आपने सदा ही लाज बचाई है,देर न हो जाये मन शंकाई है l

    धीरे-धीरे धीरज ही खोता है,मन में बसा विशवास ही रोता है l

    मेरी कल्पना साकार कर दो,सूनी जिंदगी में रंग भर दो l

    ढोते-ढोते पापों का भार जिंदगी से,मैं गया हार जिंदगी से l

    नाथ अवगुण अब तो बिसारो,कष्टों की लहर से आके उबारो l

    करता हूँ पाप मैं पापों की खान हूँ,ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर मैं अज्ञान हूँ l

    करता हूँ पग-पग पर पापों की भूल मैं,तार दो जीवन ये चरणों की धूल से l

    तुमने ऊजरा हुआ घर बसाया,पानी से दीपक भी तुमने जलाया l

    तुमने ही शिरडी को धाम बनाया,छोटे से गाँव में स्वर्ग सजाया l

    कष्ट पाप श्राप उतारो,प्रेम दया दृष्टि से निहारो l

    आपका दास हूँ ऐसे न टालिए,गिरने लगा हूँ साईं संभालिये l

    साईजी बालक मैं अनाथ हूँ,तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ l

    जैसा भी हूँ , हूँ तो आपका,कीजे निवारण मेरे संताप का l

    तू है सवेरा और मैं रात हूँ,मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ l

    साईं मुझसे मुख न मोड़ो,बीच मझधार अकेला न छोड़ो l

    आपके चरणों में बसे प्राण है,तेरे वचन मेरे गुरु समान है l

    आपकी राहों पे चलता दास है,ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है l

    आंसू की धारा में डूबता किनारा,जिंदगी में दर्द , नहीं गुज़ारा l

    लगाया चमन तो फूल खिलायो,फूल खिले है तो खुशबू भी लायो l

    कर दो इशारा तो बात बन जाये,जो किस्मत में नहीं वो मिल जाये l

    बीता ज़माना यह गाके फ़साना,सरहदे ज़िन्दगी मौत तराना l

    देर तो हो गयी है अंधेर ना हो,फ़िक्र मिले लकिन फरेब ना हो l

    देके टालो या दामन बचा लो,हिलने लगी रहनुमाई संभालो l

    तेरे दम पे अल्लाह की शान है,सूफी संतो का ये बयान है l

    गरीबों की झोली में भर दो खजाना,ज़माने के वली करो ना बहाना l

    दर के भिखारी है मोहताज है हम,शंहंशाये आलम करो कुछ करम l

    तेरे खजाने में अल्लाह की रहमत,तुम सदगुरू साईं हो समरथ l

    आये हो धरती पे देने सहारा,करने लगे क्यूँ हमसे किनारा l

    जब तक ये ब्रह्मांड रहेगा,साईं तेरा नाम रहेगा l

    चाँद सितारे तुम्हे पुकारेंगे,जन्मोजनम हम रास्ता निहारेंगे l

    आत्मा बदलेगी चोले हज़ार,हम मिलते रहेंगे बारम्बार l

    आपके कदमो में बैठे रहेंगे,दुखड़े दिल के कहते रहेंगे l

    आपकी मर्जी है दो या ना दो,हम तो कहेंगे दामन ही भर दो l

    तुम हो दाता हम है भिखारी,सुनते नहीं क्यूँ अर्ज़ हमारी l

    अच्छा चलो एक बात बता दो,क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो l

    जो नहीं देना है इनकार कर दो,ख़तम ये आपस की तकरार कर दो l

    लौट के खाली चला जायूँगा,फिर भी गुण तेरे गायूँगा l

    जब तक काया है तब तक माया है,इसी में दुखो का मूल समाया है l

    सबकुछ जान के अनजान हूँ मैं,अल्लाह की तू शान तेरी शान हूँ मैं l

    तेरा करम सदा सब पे रहेगा,ये चक्र युग-युग चलता रहेगा l

    जो प्राणी गायेगा साईं तेरा नाम,उसको मुक्ति मिले पहुंचे परम धाम l

    ये मंत्र जो प्राणी नित दिन गायेंगे,राहू , केतु , शनि निकट ना आयेंगे l

    टाल जायेंगे संकट सारे,घर में वास करें सुख सारे l

    जो श्रधा से करेगा पठन,उस पर देव सभी हो प्रस्सन l

    रोग समूल नष्ट हो जायेंगे,कष्ट निवारण मंत्र जो गायेंगे l

    चिंता हरेगा निवारण जाप,पल में दूर हो सब पाप l

    जो ये पुस्तक नित दिन बांचे,श्री लक्ष्मीजी घर उसके सदा विराजे l

    ज्ञान , बुधि प्राणी वो पायेगा,कष्ट निवारण मंत्र जो धयायेगा l

    ये मंत्र भक्तों कमाल करेगा,आई जो अनहोनी तो टाल देगा l

    भूत-प्रेत भी रहेंगे दूर ,इस मंत्र में साईं शक्ति भरपूर l

    जपते रहे जो मंत्र अगर,जादू-टोना भी हो बेअसर l

    इस मंत्र में सब गुण समाये,ना हो भरोसा तो आजमाए l

    ये मंत्र साईं वचन ही जानो,सवयं अमल कर सत्य पहचानो l

    संशय ना लाना विशवास जगाना,ये मंत्र सुखों का है खज़ाना l

    इस पुस्तक में साईं का वास,जय साईं श्री साईं जय जय साईं l